धरासू

हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
दौड़ती जिंदगी ब्यूरो,
उत्तरकाशी। चिन्यालीसौड़ स्थित धरासू पावर हाउस में गुरुवार को विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों ने 19 सूत्रीय मांगों को लेकर गेट मीटिंग कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय स्तर पर फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एवं ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित किया गया। साथ ही उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चे के निर्देशानुसार ऊर्जा के तीनों निगम प्रबंधन को पूर्व में दिए गए 19 सूत्रीय मांगपत्र के समर्थन में यह प्रदर्शन किया गया।
धरासू विद्युत गृह परिसर में आयोजित गेट मीटिंग में अधिकारियों, कर्मचारियों और उपनल कर्मियों ने एकजुट होकर विद्युत सुधार अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विद्युत सुधार अधिनियम कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली व्यवस्था के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
इसके साथ ही जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि को अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए दिए जाने के निर्णय का भी कड़ा विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाएं प्रदेश की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं और इनकी भूमि का अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में ऊर्जा संसाधनों का निजी या व्यावसायिक हितों के लिए दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने आशंका जताई कि निजीकरण से न केवल कर्मचारियों की सेवा शर्तें प्रभावित होंगी, बल्कि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
मीटिंग में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार एवं शासन के प्रति रोष प्रकट किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि 19 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर व्यापक हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
सभा का संचालन जगदीश नौटियाल ने किया। इस अवसर पर अमित चौधरी, प्रदीप बागड़ी, इक़मल सिंह, सुरेश डिमरी, सावन सिंह, अनुज तिवारी, जसवीर सिंह, ज्योति, कमला राणा, दीक्षा चौहान, किशोर सिंह, विनोद चौहान, कुलवीर राणा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार रखे और एकजुटता का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का निर्णय दोहराया।