
हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
देहरादून। प्रदेशभर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने करीब 1500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के नेतृत्व में शनिवार दोपहर करीब एक बजे कार्यकर्ताओं का हुजूम एकत्रित हुआ और वे मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। करीब डेढ़ बजे पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की और पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस वैन में बैठाकर एकता विहार, परेड ग्राउंड और सुद्धोवाला सहित विभिन्न स्थानों पर छोड़ दिया।
आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें 9300 रुपये मानदेय मिल रहा है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की मांग की है। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति के समय 10 लाख रुपये की राशि देने, खातों से 300 रुपये की कटौती बंद करने और बायोमेट्रिक मशीन से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न जोड़ने की मांग भी उठाई है। इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, रंजीता अरोड़ा, गीता कैंतुरा, पूनम, गोविंदी मेहता और सुनीता भट्ट भी शामिल थीं।