हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बहुप्रतीक्षित आवंटन कर दिया है। हाल ही में पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए इस बंटवारे में मुख्यमंत्री ने कई अहम और संवेदनशील विभाग अपने पास ही रखे हैं। इससे पहले वे 35 से अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री अब सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभागों का कार्यभार स्वयं संभालेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की धुरी माना जाता है, जिनके जरिए प्रशासनिक निर्णयों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बना रहता है।
वहीं, शेष विभागों का वितरण मंत्रियों के बीच किया गया है, ताकि कार्यों का बेहतर निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। माना जा रहा है कि इससे विभागीय समन्वय मजबूत होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

वहीं, शेष विभागों का वितरण मंत्रियों के बीच किया गया है, ताकि कार्यों का बेहतर निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। माना जा रहा है कि इससे विभागीय समन्वय मजबूत होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्रिमंडल में लंबे समय से पांच पद रिक्त थे, जिनमें तीन पद पहले से खाली थे। एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन और एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ था। इन विभागों का प्रभार भी अब तक मुख्यमंत्री के पास ही था।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बंटवारा संतुलन और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा अहम विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है, जबकि अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर जिम्मेदारियों का संतुलित वितरण किया गया है।यह नया विभागीय बंटवारा सरकार की कार्यप्रणाली को अधिक समन्वित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

