डिप्लोमा फार्मासिस्ट के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से की मुलाक़ात

 

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाक़ात करते डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ के पदाधिकारी

 

हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार 

देहरादून। बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट एलोपैथिक संघ उत्तराखंड के प्रदेश संयोजक अमित जोशी और देहरादून प्रभारी शीशपाल कठैत ने नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की और संघ की लंबित मांगों को उनके समक्ष रखा। इस अवसर पर मंत्री ने फार्मासिस्टों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक विचार-विमर्श किया और शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

 

प्रदेश अध्यक्ष सुधीर सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड में करीब 30,000 बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट हैं, जो पिछले कई वर्षों से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में फार्मासिस्ट के पदों की सृजन और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। रावत ने यह भी कहा कि पूर्व में उपकेन्द्रों में 539 पदों की सृजन की गई थी, जिनमें से कई पदों को वर्तमान सरकार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में समायोजित कर दिया गया है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में IPHS मानकों के लागू होने के कारण अब उपकेन्द्रों में फार्मासिस्ट के पदों को अस्पतालों में समायोजित किया जा रहा है। इस संदर्भ में संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि पूर्व के 539 पदों को पुनर्जीवित किया जाए और हर उपकेन्द्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डिप्लोमा फार्मासिस्ट की नियुक्ति की जाए।

 

माननीय स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह आश्वासन दिया कि फार्मासिस्टों के हितों का ध्यान रखते हुए जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। मंत्री जी ने संघ के द्वारा की गई मांगों को गंभीरता से सुनने और समाधान के लिए प्रयास करने का विश्वास दिलाया।

 

यह बैठक फार्मासिस्टों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे उनकी लंबे समय से लंबित नियुक्ति की समस्या का समाधान हो सकता है। अब सभी की नजरें मंत्री जी के निर्णय पर टिकी हैं, जो प्रदेश के हजारों बेरोजगार फार्मासिस्टों के भविष्य को प्रभावित करेगा।

 

 

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