हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
उत्तरकाशी। टिहरी बांध की झील के प्रभाव से प्रभावित चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के मुख्य बाजार की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता गहराने लगी है। वर्ष 2018 में टीएचडीसी ने झील के कटाव और भूस्खलन से बाजार को बचाने के लिए करीब 5.65 करोड़ रुपये की लागत से गैबियन वॉल का निर्माण कराया था। लेकिन समय के साथ इस सुरक्षा दीवार का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में डर का माहौल बन गया है।

समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम ने चिन्यालीसौड़ बाजार में विस्तृत डिज़ाइन सर्वे किया। इस सर्वे का मकसद धंसी हुई दीवार की स्थिति का तकनीकी आकलन करना और उसके स्थायी समाधान के लिए नई योजना तैयार करना है।
सर्वे टीम में एजीएम (डिज़ाइन) आकाशदीप, जियोलॉजिस्ट मणि कंडन और सहायक प्रबंधक अंजली ओमार शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर भू-संरचना, मिट्टी की मजबूती, झील के जलस्तर के प्रभाव और दीवार के धंसने के कारणों का बारीकी से अध्ययन किया। साथ ही स्थानीय हालात के अनुसार स्थायी उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
टीएचडीसी के उप प्रबंधक अतुल बहुगुणा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आवश्यक सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। उनका कहना है कि बाजार क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि भविष्य में किसी भी खतरे से बचाव किया जा सके।
इस दौरान क्षेत्र पंचायत प्रमुख रणवीर सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, कनिष्ठ प्रमुख भानुप्रिया थपलियाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और पूर्व प्रधान खुशपाल चंद रमोला सहित कई जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने टीएचडीसी का आभार जताया।