देहरादून में ऑटिज़्म जागरूकता पर मायरा केयर फाउंडेशन की पहल

देहरादून में ऑटिज़्म जागरूकता पर मायरा केयर फाउंडेशन की पहल

ऑटिज़्म जागरूकता पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते मायरा केयर फाउंडेशन के पदाधिकारी

 

हरीश थपलियाल, टीवी पत्रकार 

देहरादून। विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के अवसर पर मायरा केयर फाउंडेशन ने उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर लोगों को ऑटिज़्म के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों और पत्रकारों ने भाग लिया और समाज में समावेशिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

 

फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. निशांत नवानी ने बताया कि देश में ऑटिज़्म से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण उनके परिवारों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और सही सहयोग से बेहतर परिणाम संभव हैं।

 

सह-संस्थापक डॉ. जया नवानी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण ऐसे बच्चों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है। इसलिए जागरूकता और सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायरा केयर फाउंडेशन की ऑपरेशन्स हेड अनीता थपलियाल ने देहरादून में बनने वाले एक होलिस्टिक लर्निंग सेंटर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सेंटर में विशेष शिक्षा, स्पीच और बिहेवियरल थेरेपी, योग, कला चिकित्सा और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी।

 

उन्होंने कहा कि सेंटर का उद्देश्य बच्चों का केवल शैक्षिक नहीं, बल्कि मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास करना है। साथ ही माता-पिता के लिए प्रशिक्षण और काउंसलिंग की भी व्यवस्था होगी।

 

फाउंडेशन ने 2026 के अंत तक 50 बच्चों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है और आगे चलकर इसे और विस्तारित करने की योजना है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल यूनिट्स शुरू करने की भी तैयारी है।

 

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि ऑटिज़्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक अलग तरह की क्षमता है, जिसे समझने और समर्थन देने की जरूरत है।

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