विश्व के 65 देशों के साहित्यकार लेखक गाँव में एक मंच पर
अंतर्राष्ट्रीय लेखक दिवस पर 30 बाल रचनाकार सम्मानित, सृजन और प्रकाशन की नई पहल की घोषणा।

देहरादून (थानो)। अंतर्राष्ट्रीय लेखक दिवस के अवसर पर लेखक गाँव में आयोजित भव्य समारोह ने हिंदी साहित्य को वैश्विक आयाम प्रदान किया। भारत सहित विश्व के 65 से अधिक देशों के साहित्यकारों की सहभागिता के साथ यह आयोजन देश में पहली बार इस स्वरूप में संपन्न हुआ, जिसने साहित्यिक एकता और सृजनशीलता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित 26 वरिष्ठ साहित्यकारों तथा विभिन्न देशों से ऑनलाइन जुड़े हिंदी एवं प्रवासी रचनाकारों को ‘लेखक सम्मान’ प्रदान किया गया। वहीं 30 बाल रचनाकारों- जिनकी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, को ‘नवोदित लेखक सम्मान’ से अलंकृत किया गया। इन युवा प्रतिभाओं की उपलब्धि ने समारोह को विशेष ऊंचाई प्रदान की।
सृजन का सशक्त मंच बनेगा लेखक गाँव
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि लेखक समाज का सजग दृष्टा और संवेदनाओं का सेतु होता है। उन्होंने घोषणा की कि रचनाशील लेखकों को लेखक गाँव सशक्त मंच प्रदान करेगा तथा उनके साहित्य को लेखक गाँव प्रशासन के माध्यम से प्रकाशित भी किया जाएगा। शीघ्र ही कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और प्रकाशन योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।लेखक गाँव की निदेशक विदुषी निशंक ने कहा कि लेखक गाँव केवल स्थान नहीं, बल्कि सृजनात्मक चेतना का केंद्र है, जहाँ शब्दों के माध्यम से संस्कृति और संस्कारों का संवर्धन होता है।
मुख्य अतिथि कल्याण सिंह ‘मैती’ ने अपने संबोधन में कहा कि लेखक गाँव विश्व पटल पर साहित्य की विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में साहित्य का दायित्व है कि वह समाज को मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना के प्रति जागरूक करे।
वैश्विक सहभागिता और साहित्यिक संवाद
समारोह के विभिन्न सत्रों में काव्य-पाठ, साहित्यिक संवाद और वैश्विक हिंदी पर विचार-विमर्श आयोजित किए गए। कुवैत, अमेरिका, यू.के., कतर, सिंगापुर, स्पेन, केन्या, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, श्रीलंका, चीन और जर्मनी सहित अनेक देशों से प्रवासी साहित्यकार ऑनलाइन जुड़े और अपने विचार साझा किए।
ऑनलाइन संचालन जर्मनी से डॉ. शिप्रा शिल्पी ने किया, जबकि ऑफलाइन संचालन डॉ. बेचैन कंडियाल एवं शिवम ढोंडियाल ने संयुक्त रूप से किया। संयोजक श्रीमती पूजा पोखरियाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवोदित रचनाकारों को मिला वैश्विक मंच
सम्मानित बाल लेखकों में प्रणवी भारद्वाज, लावण्या कुशवाहा, देवांश गुप्ता, श्रेया चुग, आदित्य सागर, वैष्णवी, याशिका शर्मा, अर्घ्य, आद्रिका सिंह, दीप कौर, भव्य भगत, साक्षी गुप्ता, वृतिका सिंह, कविशा वर्मा, वृंदा, निधि अरोड़ा, रेहांश चौधरी, समृद्धि गुप्ता, मनन वर्मा एवं चैतन्य सिखोला प्रमुख रहे।
समारोह ने यह संदेश दिया कि लेखक गाँव न केवल हिंदी साहित्य के वैश्विक संवाद को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि नवोदित और बाल रचनाकारों के लिए सृजन, सम्मान और प्रकाशन का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है।