मूसलाधार बारिश से उत्तराखंड अस्त-व्यस्त, 70 सड़कें बंद, उत्तरकाशी सबसे ज्यादा प्रभावित

हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार 

 

देहरादून। उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। लगातार हो रही बारिश का असर सड़क संपर्क पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग सहित 70 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के पांच गांवों का संपर्क भी प्रभावित होने लगा है।

फोटो साभार-उत्तरकाशी पुलिस

मोरी विकासखंड की बड़ासू पट्टी में स्थित पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों के लिए परेशानी बढ़ गई है। सांकरी–गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों का जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है। उफनते नालों के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए कई लोगों की सहायता लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

 

स्थानीय ग्रामीणों नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि मानसून शुरू होते ही इन गांवों का संपर्क हर वर्ष प्रभावित होता है। उनका कहना है कि हलारा और पूर्ति खड्ड बरसात के दौरान उफान पर आ जाते हैं, जिससे आवाजाही बेहद कठिन हो जाती है। कई बार एक वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद लेनी पड़ती है, फिर भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान समय में क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी नगदी फसलों की निकासी का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। यदि बारिश का यही क्रम जारी रहा तो आने वाले दिनों में पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ति और हलारा खड्डों पर पुल निर्माण तथा वैकल्पिक मार्ग की मांग कई बार पीएमजीएसवाई से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

 

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएमजीएसवाई अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ यातायात सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

 

कई जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में आज और कल भारी से भारी वर्षा, आकाशीय बिजली गिरने तथा तेज बारिश के दौर की संभावना है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

 

एसईओसी ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

 

प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग सहित 70 सड़कें बंद

 

एसईओसी के अनुसार प्रदेश में चार राज्य मार्ग सहित कुल 70 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक 14-14 सड़कें देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में अवरुद्ध हैं। देहरादून में तीन राज्य मार्ग बंद हैं। इसके अलावा चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ-आठ, बागेश्वर में छह, रुद्रप्रयाग में चार तथा चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो सड़कें बंद होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

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