
हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने 26 साल बाद अपने लोगो में बदलाव करते हुए नया ध्येय वाक्य ‘कर्म, सत्यं, शौर्यम्’ जारी किया है। इसके साथ ही पुलिस का पुराना ध्येय वाक्य ‘मित्रता, सेवा, सुरक्षा’ अब बदल गया है। नए लोगो और ध्येय वाक्य के माध्यम से उत्तराखंड पुलिस ने अपनी कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और साहस को नई पहचान देने का संदेश दिया है।
नया ध्येय वाक्य पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने, सत्य के मार्ग पर चलने और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने की प्रेरणा देता है। ‘कर्म’ कर्तव्य और कार्य के प्रति समर्पण, ‘सत्यं’ सत्यनिष्ठा तथा ‘शौर्यम्’ वीरता और साहस का प्रतीक है।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से पुलिस की पहचान का हिस्सा रहे पुराने ध्येय वाक्य में मित्रता, सेवा और सुरक्षा की भावना प्रमुख थी। अब नए ध्येय वाक्य के साथ पुलिस की संस्थागत पहचान में बदलाव किया गया है।
लोगो में यह बदलाव केवल प्रतीक चिह्न तक सीमित नहीं, बल्कि पुलिस के कर्तव्य, अनुशासन और जवाबदेही के संकल्प को भी रेखांकित करता है। हालांकि, इस नई पहचान की वास्तविक सार्थकता पुलिस के व्यवहार, निष्पक्ष कार्रवाई और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता से ही तय होगी।