
रवीश पोखरियाल अधिवक्ता नई दिल्ली
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाली फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं पर अब सरकारी स्तर से तुरंत प्रतिक्रिया देने की तैयारी है। गलत सूचनाओं की पहचान और उनका खंडन करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों में ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) की व्यवस्था की जा रही है। इन टीमों का मकसद वायरल हो रहे दावों की जल्द से जल्द पड़ताल कर लोगों तक सही और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना होगा।
वायरल पोस्ट पर रहेगी पैनी नजर
क्विक रिस्पांस टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी। किसी सरकारी योजना, नीति, घटना या संवेदनशील विषय से जुड़ा संदिग्ध पोस्ट, वीडियो या दावा सामने आने पर टीम उसकी सत्यता की जांच करेगी। इसके लिए संबंधित विभाग से तथ्यों की पुष्टि की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आधिकारिक दस्तावेजों व विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
दो घंटे के भीतर जारी होगा जवाब
इस पूरी व्यवस्था में तेजी को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। किसी भ्रामक सूचना की पहचान होने के बाद करीब दो घंटे के भीतर तथ्यात्मक प्रतिक्रिया जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। सत्यापन के बाद सही जानकारी को विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अन्य अधिकृत माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
फेक न्यूज के फैलाव को शुरुआती स्तर पर रोकने की कोशिश
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी बेहद कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाती है। ऐसे में देर से जारी किया गया खंडन कई बार अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल पाता। क्विक रिस्पांस टीम की व्यवस्था के जरिए गलत सूचनाओं पर शुरुआती चरण में ही प्रतिक्रिया देने और उनके प्रसार को सीमित करने की कोशिश होगी।
सत्यापन के बाद ही होगा खंडन
किसी पोस्ट या खबर को फर्जी घोषित करने से पहले उसके तथ्यों की पूरी तरह जांच की जाएगी। टीम आधिकारिक रिकॉर्ड, संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचेगी। इससे गलत सूचना के साथ-साथ बिना पर्याप्त पुष्टि के किसी वास्तविक खबर को फर्जी करार देने की संभावना को भी कम किया जा सकेगा।