
हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार
गैरसैंण। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। बजट में किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, खेल और धार्मिक आयोजनों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।
कुल बजट में ₹3,680 करोड़ राजस्व मद और ₹4,164 करोड़ पूंजीगत मद के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने कृषि उपज की खरीद से लेकर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और कुंभ मेले की तैयारियों तक विभिन्न क्षेत्रों के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं।
अनुपूरक बजट के प्रमुख प्रावधान
₹1,100 करोड़: धान और गेहूं की खरीद के लिए।
₹300 करोड़: जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के लंबित भुगतान के लिए।
₹122 करोड़: गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए।
₹100 करोड़: अटल आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए।
₹125 करोड़: राज्य कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड आधारित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए।
₹160 करोड़: पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए।
₹35 करोड़: खेल विश्वविद्यालय के लिए।
₹15 करोड़: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए।
₹290 करोड़: दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए।
₹30 करोड़: हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए।
₹20 करोड़: नंदा राजजात यात्रा के आयोजन के लिए।
लगभग ₹48 करोड़: जोशीमठ सहित अन्य क्षेत्रों में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए।
₹5 करोड़: मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग उपलब्ध कराने हेतु।
₹8 करोड़: राष्ट्रीय खेलों से पहले खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविर के लिए।
₹5 करोड़: ओपन जिम की स्थापना के लिए।
लगभग ₹27 करोड़: निराश्रित विधवा पेंशन के लिए।
चुनाव से पहले विकास और जनकल्याण पर जोर
अनुपूरक बजट में कृषि उपज की खरीद, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल योजनाओं और धार्मिक आयोजनों के लिए किए गए प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गैरसैंण जलापूर्ति परियोजना के लिए धनराशि का प्रावधान भी विधानसभा सत्र के दौरान खास महत्व रखता है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पेश किए गए इस बजट के जरिए सरकार ने विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने का संदेश दिया है। हालांकि, इन प्रावधानों का वास्तविक असर धनराशि के समयबद्ध उपयोग और योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन से ही स्पष्ट होगा।