AHIDF का लोन दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी का खेल फर्जी अधिकारी CBI के हत्थे चढ़ा, आगरा से गिरफ्तार

 

हरीश थपलियाल टीवी पत्रकार 

देहरादून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF) के तहत लोन दिलाने के नाम पर खुद को पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कृषि भवन, नई दिल्ली का अधिकारी बताकर रिश्वत मांगने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

आरोपी प्रभु दयाल उर्फ़ ऋषि गुप्ता

 

CBI के अनुसार, केस संख्या RC0072026A0003 में मुख्य आरोपी प्रभु दयाल उर्फ ऋषि गुप्ता को रविवार को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना डौकी क्षेत्र स्थित गांव छोटा पूठा बिसरना से गिरफ्तार किया गया।

 

यह मामला 29 जून 2026 को CBI, एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ऊधम सिंह नगर निवासी शकील अहमद, जो काशीपुर के लालपुर गांव में “मदीना पोल्ट्री फार्म” संचालित करते हैं, ने AHIDF योजना के तहत 22.50 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आरोपी ने लोन स्वीकृत कराने के बदले 45 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

 

CBI ने 29 जून को जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक QR कोड भेजकर पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपये मंगवाए। जांच में पता चला कि यह QR कोड हरदोई निवासी विकास त्रिपाठी के बैंक खाते से जुड़ा था। CBI ने अगले दिन विकास त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह ऋषि गुप्ता को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता और उसके ठिकाने की भी जानकारी नहीं है।

 

जांच में खुलासा हुआ कि ऋषि गुप्ता कोई सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि एक निजी व्यक्ति था। उसने फर्जी पहचान बनाकर AHIDF लोन आवेदकों से संपर्क किया और लोन स्वीकृत कराने, आवेदन खारिज होने से बचाने तथा दोबारा आवेदन कराने के नाम पर रिश्वत वसूलता था।

 

आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों और QR कोड का इस्तेमाल करता था। वह बार-बार मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।

 

CBI ने मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों, आईपी एड्रेस और विभिन्न तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। लगातार निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी आगरा स्थित अपने घर लौटा है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

गिरफ्तारी के दौरान पता चला कि आरोपी का वास्तविक नाम प्रभु दयाल पुत्र रामलखन है, जबकि वह ऋषि गुप्ता के नाम से लोगों को ठग रहा था।

 

CBI ने आरोपी के आगरा स्थित घर की तलाशी लेकर कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं। आरोपी को देहरादून की संबंधित CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है।

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